धनतेरस पर मंत्रालय की एसबीआई शाखा में पैसों के लिए परेशान रहे कर्मचारी

-दिव्यांग कर्मचारी को भी करना पड़ा लंबा इंतजार
-कर्मचारियों का आरोप बैंक प्रबंधक ने चेहरे देखकर दिए नए नोट
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेश के सभी शासकीय कर्मचारियों को अक्टूबर महीने का वेतन 28 अक्टूबर को ही दे दिया गया है। 29 अक्टूबर को धरतेरस पर कर्मचारी पैसे निकालने के लिए बैंक पहुंचे। मंत्रालय (वल्लभ भवन) स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में कर्मचारियों को पैसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। खास बात यह है कि ज्यादातर कर्मचारी दीपावली के चलते नए नोटों की गड्डी लेने के लिए बैंक पहुंचे। जहां शाखा की मुख्य प्रबंधक कविता बारंगे कैबिन में बैठकर तय कर रही थीं कि नए नोटोंं की गड्डी किसे कितनी दी जाए या नहीं। बैंक प्रबंधन के इस व्यवहार से कर्मचारियों में नारजगी दिखी।
मंत्रालय में आधारतल पर भारतीय स्टेट बैंक की शाखा है। कर्मचारियों का आरोप है कि इस शाखा का कर्मचारियों के प्रति व्यवहार सही नहीं है। दीपावली पर ही कर्मचारियों को नए नोट देने में आनाकानी की जा रही है। जबकि अधिकारियों को बंैक प्रबंधन के द्वारा नए नोटों की गड्डियां खुद पहुंचाईं गईं। कर्मचारी नेता संजय राठौर का कहना है कि बैंक की ओर से कर्मचारियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। जबकि वे बैंक के स्थाई ग्राहक हैं। अधिकारियों के साथ बैंक का व्यवहार अलग होता है। यह बैंक की जिम्मेदारी है कि दीपावली एवं अन्य त्यौहारों पर कर्मचारियों को नए नोटों की गड्डी दी जाएं। लेकिन बैंक द्वारा इसमें भी पक्षपात किया जाता है। कर्मचारी शैलेन्द्र पांडे ने बताया कि बैंक ने उन्हें कर्जा देने के लिए काफी परेशान किया। फिर मजबूरी में दूसरे बैंक से लेना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि बैंक प्रबंधक ने अधिकारियों के कक्ष में जाकर उपहार दिए। वहीं कर्मचारियों को बंैक की सेवा भी ढंग से नहीं मिल रही है। इस मामले में भारतीय स्टेट बैंक की ओर से सोशल मीडिया पर लिखा कि असुविधा के लिए हमें खेद है। शीघ्र समाधान के लिए संंबंधित अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया जा रहा है।

दिव्यांग कर्मचारी को भी करा दिया लंबा इंतजार
वल्लभ भवन एसबीआई शाखा में अन्य कर्मचारियों की तरह दिव्यांग कर्मचारी भी धनतेरस पर पैसे निकालने पहुंचे। बैंक प्रबंधन ने दिव्यांग कर्मचारियों को भी पैसों के लिए लंबा इंतजार करा दिया। नए नोट के लिए दिव्यांग कर्मचारी को भी मुख्य प्रबंधक के कैबिन में ले जाया गया।

200 कर्मचारियों ने भेजा था बैंक के खिलाफ ज्ञापन
कर्मचारी नेता संजय राठौर एवं अन्य ने बताया कि वल्लभ भवन की एसबीआई शाखा प्रबंधन से इतने परेशान हैं कि पूर्व में मंत्रालय के 200 से ज्यादा कर्मचारियों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ ज्ञापन एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधन को भेजा था। मुख्य सचिव को भी शिकायत की गई। इसके बावजूद भी बैंक का कर्मचारियों के प्रति रवैया नहीं बदला। खास बात यह है कि बैंक न तो सरकार को किराया देता है, न बिजली-पानी का बिल देता है। फिर भी कर्मचारियों को सुविधा नहीं। कर्मचारियों ने मंत्रालय में अन्य राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोलने की मांग की थी।

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