-सेवानिवृत्ति के बाद भी लंबित हैं भ्रष्टाचार की जांच
वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने विधायक आतिफ अकील के अन्य सवाल के जवाब में बताया कि 15 भारतीय वन सेवा एवं 12 राज्य वन सेवा के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें लंबित हैं। जिनमें से भावसे के 9 अधिकारी सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। विभागीय जांच लंबित होने की वजह से तीन भावसे के अधिकारी श्रीमती किरण बिसेन, प्रशांत सिंह और देवांशु शेखर को पदोन्नति नहीं दी गई है, लेकिन इन्हें मैदानी पदस्थापना दे रखी हैं।
भारतीय वन सेवा के अधिकारी वीएन पयासी (सेनि), निजाम कुरैशी (सेनि), आरएस सिकरवार(सेनि), ओपी उचाडिय़ा(सेनि), डीएस कनेश (सेनि), एम कालीदुरई (सेनि), आरपी राय (सेनि), सीएस निनामा (सेनि), शैलेन्द्र गुप्ता (सेनि), वीएस होतगी, श्रीमती किरण बिसेन, प्रशांत कुमार, देवांशु शेखर, नरेश कुमार दोहरे, अजय पांडेय शामिल हैं।
इसी तरह राज्य वन सेवा के आरके गुरुदेव, कैलाश वर्मा, आरएन द्विवेदी, श्रीमती मनीषा पुरवार, सुरेश अहिरवार, मनोज कटारिया, सुधीर सिंह, वायएस परमार, सुधीर पाठक, केबी गुप्ता, अंतर सिंह ओहारिया, आईबी गुप्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच जारी है।
